प्राण प्रतिष्ठित / अभिमन्त्रित मोर का पंख
प्राण प्रतिष्ठित मोर पंख का धार्मिक, ज्योतिष और वास्तु महत्व
ज्योतिष और वास्तु की दृष्टि से प्राण प्रतिष्ठित / अभिमंत्रित मोर का पंख अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अपने सिर पर मोर पंख धारण करते हैं, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र में अभिमंत्रित मोर पंख को ग्रह दोष निवारण और सकारात्मक ऊर्जा वृद्धि का प्रभावी साधन माना गया है। वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार मोर पंख वास्तु लाभ घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।
ज्योतिष और वास्तु की दृष्टि से मोर पंख का महत्व अत्यंत विशेष है। इसकी शुभता का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसे अपने मुकुट में धारण किया है। सावन मास में प्राण प्रतिष्ठित मोर पंख के ज्योतिष उपाय और अधिक प्रभावी माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मोर पंख से ग्रह दोष निवारण तथा नेत्र दोष में लाभ मिलता है। आइए जानते हैं सावन के महीने में अभिमंत्रित मोर पंख के वास्तु लाभ और इससे जुड़े प्रभावी उपाय।
आर्थिक वृद्धि के लिए प्राण प्रतिष्ठित मोर पंख के उपाय
आर्थिक समृद्धि हेतु प्राण प्रतिष्ठित मोर का पंख अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, श्रीकृष्ण एवं राधा-रानी के मंदिर में अभिमंत्रित मोर पंख की पूजा करनी चाहिए। इसके पश्चात उस मोर पंख को धन स्थान अथवा तिजोरी में रख दिया जाता है। ऐसा करने से धन प्रवाह निरंतर बना रहता है और फिजूलखर्ची पर भी नियंत्रण रहता है। यह उपाय प्राण प्रतिष्ठित मोर पंख के ज्योतिष उपाय में अत्यंत प्रभावी माना गया है।
बुरी नजर दूर करने के लिए मोर पंख के उपाय
ऐसा माना जाता है कि बुरी नजर के कारण कार्यों में बाधा आती है तथा स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। इससे बचाव के लिए चांदी के ताबीज में अभिमंत्रित मोर पंख रखकर प्रतिदिन सिर के नीचे रखकर सोने से मोर पंख से बुरी नजर दूर करने के उपाय प्रभावी सिद्ध होते हैं। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और मानसिक शांति बनी रहती है।
शत्रुओं को शांत करने हेतु प्राण प्रतिष्ठित मोर पंख
मंगलवार के दिन प्राण प्रतिष्ठित / अभिमंत्रित मोर पंख पर हनुमान जी के मस्तक का सिंदूर लगाकर शत्रु का नाम लिखें और उसे रात्रि भर पूजा स्थल पर रखें। अगले दिन प्रातः इसे जल में प्रवाहित कर दें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से शत्रु शांत हो जाते हैं तथा जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
कालसर्प दोष से छुटकारा पाने का प्रभावी उपाय
सावन मास में नागपंचमी के दिन भगवान भोलेनाथ की आराधना एवं रुद्राभिषेक कराकर योग्य ब्राह्मणों द्वारा प्राण प्रतिष्ठित / अभिमंत्रित मोर पंख तैयार कराया जाता है। जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उन्हें यह मोर पंख तकिए के कवर में रखकर सोना चाहिए। इससे मोर पंख से ग्रह दोष निवारण संभव होता है और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने भी कालसर्प दोष से रक्षा हेतु अपने मुकुट में मोर पंख धारण किया था।
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