काले घोड़े की नाल से बनी १००८ मन्त्रों द्वारा अभिमंत्रित /energisedरिंग (छल्ला )
उत्पाद विवरण (Product Description)
काले घोड़े की नाल से बनी 1008 मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित / Energised रिंग (छल्ला) विशेष रूप से शनि दोष शांति, वास्तु दोष निवारण और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए तैयार की गई है। यह घोड़े की नाल का छल्ला राशि मकर और कुम्भ के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है, जिनके स्वामी शनिदेव हैं। काले घोड़े की नाल का छल्ला नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करता है।
पहनने की विधि और सही उंगली
घोड़े की नाल का छल्ला दाहिने हाथ की बीच वाली उंगली में धारण किया जाता है। मध्यम अंगुली के नीचे शनि का स्थान माना गया है, इसलिए kale ghode ki naal ka challa kis ungli me pahne का सही उत्तर है – दाहिने हाथ की मध्य उंगली। इसे शनिवार को सायं तिल के तेल में डुबोकर शनि शांति मंत्र (ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः) का जाप करते हुए धारण करना चाहिए।
धारण करने का शुभ समय और नक्षत्र
घोड़े की नाल का छल्ला कब पहने चाहिए, इसके लिए शनिवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। इसे पुष्य, अनुराधा, उत्तरा, भाद्रपद और रोहिणी नक्षत्र में धारण करना विशेष फलदायी होता है। काले घोड़े की नाल की अंगूठी शनि दोष, वास्तु दोष और जीवन की बाधाओं को कम करने में सहायक होती है।
लाभ और विशेषताएँ
घोड़े की नाल का छल्ला पहनने के फायदे अनेक हैं। इससे शनि दोष और वास्तु दोष कम होता है तथा बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं करतीं। मेहनत करने के बाद भी नौकरी या बिजनेस में शुभ परिणाम नहीं मिल रहा हो, तरक्की में रुकावट आ रही हो या जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तो ghode ki naal ka challa ke fayde स्पष्ट रूप से अनुभव किए जा सकते हैं। यह छल्ला जीवन में स्थिरता, सुरक्षा, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
शुद्धता और निर्माण विधि
यह घोड़े की नाल का छल्ला किसी साधारण लोहे से नहीं बनाया जाता, बल्कि काले घोड़े की नाल से निर्मित होता है, जो स्वयं घोड़े के पैरों से निकली हो। इसे शनिवार के दिन विधिवत सिद्ध करके पहनना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। काला घोड़ा कल्याण नियम के अनुसार यह छल्ला आध्यात्मिक और ऊर्जात्मक रूप से अधिक प्रभावी होता है।
किन्हें नहीं पहनना चाहिए
जिन जातकों की कुंडली में शनि की स्थिति पहले से ही अच्छी है, उन्हें शनि का छल्ला धारण नहीं करना चाहिए। वे चाहें तो केवल घोड़े की नाल का छल्ला धारण कर सकते हैं।
सावधानियाँ
सावधानी के तौर पर, शनिदेव के छल्ले के साथ तांबे का छल्ला एक साथ नहीं पहनना चाहिए।
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